राजस्थान विधानसभा में आज फिर हंगामे के आसार: प्रश्नकाल और अहम दस्तावेजों की प्रस्तुति

राजस्थान विधानसभा में आज फिर हंगामे के आसार: प्रश्नकाल और अहम दस्तावेजों की प्रस्तुति

Rajasthan Assembly likely to witness uproar again today

Rajasthan Assembly likely to witness uproar again today

Jaipur News: Rajasthan Assembly likely to witness uproar again today - राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही के दौरान आज एक बार फिर हंगामा होने के आसार हैं. गुरुवार को 11 बजे प्रश्नकाल की शुरुआत के साथ ही उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति और वन विभाग जैसे महत्वपूर्ण महकमों से जुड़े सवालों के घेरे में होंगी. सदन में आज केवल सवालों की बौछार ही नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास से जुड़े कई अहम दस्तावेज भी पटल पर रखे जाएंगे.

डिप्टी सीएम की मेज पर बड़ी जिम्मेदारी

सदन की कार्यवाही के दौरान आज सबसे महत्वपूर्ण पल वह होगा जब उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी सीएजी (CAG) का प्रतिवेदन सदन की मेज पर रखेंगी. इसके साथ ही वह विधायी कार्य के तहत राजस्थान विनियोग विधेयक संख्या-2 (Rajasthan Appropriation Bill No. 2) भी पेश करेंगी. वहीं, मंत्री गौतम कुमार दक विभिन्न सहकारी संस्थाओं की ऑडिट रिपोर्ट्स और वार्षिक लेखे प्रस्तुत करेंगे, जिससे प्रदेश की सहकारी व्यवस्था में पारदर्शिता का लेखा-जोखा सामने आएगा.

विधायक उठाएंगे जनता के 'ज्वलंत' मुद्दे

सदन में आज कई विधायक अपने क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर मंत्रियों को घेरने की तैयारी में हैं. भरतपुर में जलभराव की गंभीर समस्या हो या चौमूं में गंदे पानी की निकासी के लिए नाले का निर्माण, विधायक सरकार का ध्यान इन बुनियादी सुविधाओं की ओर खींचेंगे. विशेष रूप से उदयपुर ग्रामीण में 'हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड' द्वारा पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र को पहुंचाए गए नुकसान का मुद्दा भी गूंजेगा, जिस पर खान मंत्री से जवाब मांगा जाएगा.

अस्पताल-सड़कों के लिए लगेगी याचिकाओं की झड़ी

जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विधायक अमित चाचाण और अर्जुन भीलवाड़ा आज कई याचिकाएं पेश करेंगे. इनमें नोहर में पशु विज्ञान महाविद्यालय की स्थापना और भीलवाड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में अपग्रेड करने की मांग प्रमुख है. साथ ही, भीलवाड़ा में 12 किलोमीटर लंबे बाईपास निर्माण की मांग भी सदन के जरिए सरकार तक पहुंचाई जाएगी.

पंचायती राज और बजट पर होगा फैसला

आज का दिन प्रशासनिक दृष्टि से भी काफी अहम है. सदन में पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग की अनुदान मांगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. बहस के बाद इन मांगों को पारित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण विकास की नई परियोजनाओं का रास्ता साफ होगा. जनलेखा समिति के सभापति टीकाराम जूली भी विभिन्न विभागों से संबंधित सीएजी रिपोर्ट पटल पर रखेंगे.